उत्तराखंड ।।।गृह मंत्रालय द्वारा पतंजलि फूड पार्क से 34 पद समाप्त करते हुए (CISF)को हटाने के आदेश
उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क कैंपस से सीआईएसएफ ने बीते मई में अपनी सुरक्षा हटा ली थी। सीआईएसएफ जून 2025 से यहां सुरक्षा प्रदान कर रही थी। सुरक्षा हटाने के बाद गृह मंत्रालय ने सीआईएसएफ को अपनी सुरक्षा विंग में स्वीकृति सभी 34 पदों को खत्म करने का निर्देश दिया है।

CISFसुरक्षा की मौजूदा स्वीकृत संख्या में एक असिस्टेंट कमांडेंट, चार सब इंस्पेक्टर, दो एएसआई, 11 हेड कांस्टेबल और 16 सिपाही शामिल थे। गृह मंत्रालय ने इन सभी पदों को खत्म करने के आदेश के साथ ही बकाया भुगतान के संबंध में निर्देश जारी किया है।
क्यों दी गई थी सुरक्षा?
2015 में बाबा रामदेव की पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क में कंपनी के सुरक्षा गार्डों और स्थानीय ट्रक यूनियन के समर्थकों के बीच हुई झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। फैक्ट्री कर्मचारियों और ट्रक यूनियन के सदस्यों के बीच जमकर झड़प हुई थी। फूड पार्क पर गांव वालों ने भी हमला किया। एक दर्जन से ज्यादा ट्रकों में तोड़फोड़ की। इस घटना में 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे जबकि फायरिंग में एक श्ख्स की जान चली गई थी। इस मामले में पुलिस ने रामदेव के छोटे भाई रामभगत को गिरफ्तार कर लिया था।
विवाद का कारण
पुलिस ने बताया था कि फूड पार्क में ट्रक लगाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। फूड पार्क के लिए स्थानीय ट्रक यूनियन की बजाय बाहर से ट्रक मंगवाए जाने पर विवाद हुआ। बाबा रामदेव पहले गांव के लोगों की ट्रक यूनियन से ट्रक लिया करते थे लेकिन अब वह बाहर के ट्रक बुलाने लगे थे। इसी बात को सुलग रहा आक्रोश भड़क गया था।
