उत्तराखंड।।।देहरादून में मेट्रो, ऋषिकेश-हरिद्वार में नमो भारत, उत्तराखंड को दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल जैसे गिफ्ट मिलेंगे
देहरादून।उत्तराखंड में दो बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है. इसमें उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मेट्रो नियो प्रोजेक्ट और दिल्ली-एनसीआर से जुड़ने वाला मेरठ-हरिद्वार-ऋषिकेश नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर शामिल है. हरिद्वार से ऋषिकेश के बीच मेट्रो भी चलाने का प्रस्ताव है. ये प्रस्ताव जमीनी हकीकत बना दो दिल्ली-मेरठ नमो भारत रूट की तरह उत्तराखंड में भी मेट्रो और रैपिड रेल एक ही ट्रैक पर दौड़ेगी. इससे दिल्ली से सुबह रवाना होकर ढाई घंटे में ऋषिकेश पहुंचा जा सकेगा और फिर शाम को वापसी भी हो सकती है.
देहरादून, हरिद्वार-ऋषिकेश में मेट्रो गिफ्ट।।
उत्तराखंड मेट्रो रेल कारपोरेशन (UKMRC) की डीपीआर के अनुसार, उत्तराखंड में मेट्रो प्रोजेक्ट 73 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में दो फेज में बनाया जा सकता है. इसमें हरिद्वार से ऋषिकेश का 32 किमी का रूट शामिल है. 10 स्टेशनों ये पूरी तरह एलिवेटेड लाइन होगी जो नेशनल हाईवे (NH-34) के समानांतर चलेगी. ये पश्चिमी हरिद्वार के ज्वालापुर में जटवारा ब्रिज से ऋषिकेश के चंद्रभागा ब्रिज पर समाप्त होगी. देहरादून मेट्रो की दूसरी लाइन 41 किमी की है. ये लाइन ऋषिकेश-हरिद्वार मार्ग पर नेपाली फार्म से शुरू करने का प्रस्ताव है. यहां से यह नेशनल हाईवे-7 (NH-7) के रास्ते विधानसभा भवन होते हुए सीधे देहरादून के अंतर राज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) को जोड़ेगी।
देहरादून के अंदर ‘मेट्रो नियो’ का प्रस्ताव
देहरादून में 22.4 किमी के मेट्रो नियो का प्रस्ताव है. देहरादून शहर के अंदर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए रबर टायरों पर चलने वाली मेट्रो नियो चलाने का प्रस्ताव है. ये ISBT से गांधी बाग और FRI से रायपुर और हरिद्वार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड मेट्रो रेल कारपोरेशन के एमडी समेत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इसको लेकर बैठक कर चुके हैं. हरिद्वार में पॉड टैक्सी और रोपवे का भी प्रस्ताव है. हरिद्वार शहर के अंदर देश की पहली ड्राइवरलेस पॉड टैक्सी सेवा और मानसा देवी, चंडी देवी मंदिरों के लिए रोपवे प्रोजेक्ट भी इसी का हिस्सा है।
