चीन सीमा पर उत्तराखंड का मेला।।। 10500 फीट की ऊंचाई पर बिखरे पहाड़ी संस्कृति के रंग 10500 फीट की ऊंचाई पर पहाड़ के रंग
धारचूला।।।। चीन सीमा लगे 10,500 फीट की ऊंचाई पर उच्च हिमालयी गांव गुंजी में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर व्यास ऋषि मेला हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
इस दौरान सीमा से लगे सात गांवों की आकर्षक झांकियां निकली और विविध कार्यक्रम हुए। यह मेला भारत-चीन व्यापार की व्यापारिक मंडी, कैलास मानसरोवर और आदि कैलास यात्रा के प्रमुख पड़ाव गुंज गांव में लगा।
मेले में व्यास घाटी के सात गांवों-गुंजी, नाबी, नपल्च्यू, रोंगकांग, कुटी, गर्ब्यांग एवं बूदी के ग्रामीणों ने गुंजी स्थित व्यास ऋषि मंदिर प्रांगण में देव दर्शन व पूजा-अर्चना की। ग्रामीणों ने पारंपरिक वेशभूषा व वाद्ययंत्रों के साथ छोलिया नृत्य करते हुए ध्वज चढ़ाया।
मेले का भव्य शुभारंभ सातों गांवों की मनमोहक सांस्कृतिक झांकियों के प्रदर्शन के साथ हुआ। मेले में मुख्य अतिथि के रूप में रिटायर्ड आईजी व गुंजी की वर्तमान ग्राम प्रधान बिमला गुंज्याल उपस्थित रहीं।
विशिष्ट अतिथि के तौर पर दर्जा राज्य मंत्री अशोक नबियाल, रिटायर्ड आईजी नारायण सिंह नपल्च्याल, 8 मद्रास के लेफ्टिनेंट कर्नल दिव्यांशु चतुर्वेदी, आईटीबीपी के उपसेनानी आलोक सिंह, एसएसबी के सहायक कमांडेंट महेश कुमार, पद्मश्री मोहन सिंह गुंज्याल सहित ग्राम प्रधान सविता नपल्च्यू, छविता नबियाल, अंजू रोंकली व सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल उपस्थित रहे।।।
