उत्तराखंड।। सवालों के साथ विपक्ष तैयार,,,,विधानसभा घेराव से जूझने को सरकार तैयार,,, भराड़ीसैंण को बनाया किला
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में कल मंगलवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र को लेकर सियासी पारा पूरी तरह आसमान पर है. इस बार का सत्र हंगामेदार होने के आसार हैं. जहां एक ओर सदन के भीतर विपक्ष तमाम जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को पटखने की रणनीति तैयार कर चुका है, वहीं सड़क पर भी भारी हंगामा देखने को मिलेगा. दूसरी तरफ मंत्रियों को 31 विधायकों के 426 सवालों के जवाब भी देने होंगे।
सत्र के पहले ही दिन कॉंग्रेस और उत्तराखंड क्रांति दल के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ विधानसभा घेराव का ऐलान किया है. इस दोतरफा चुनौती से निपटने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
प्रदर्शन रोकने की सरकार की तैयारी।।।।।
प्रदर्शनकारियों को देखते हुए प्रशासन ने विधानसभा परिक्षेत्र को सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह किला तब्दील कर दिया है. आंदोलनकारियों को विधानसभा भवन तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने दुकमुतासैंण, विधानसभा के मुख्य प्रवेश द्वार दीवालीखाल, जंगलचट्टी, परवाड़ी मोटर मार्ग और सारकोट मोटर मार्ग जैसे संवेदनशील व रणनीतिक रास्तों पर सुरक्षा बल की तैनाती और वैरिकेट तैयार किए हैं. इन सभी प्रमुख स्थानों पर कंटीले तारों की तारबाड़ के साथ लोहे के ऊंचे और मजबूत गेट लगाकर मजबूत बैरिकेडिंग की है, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति बानी रहे।।

पुलिस की तैयारियां।।।।।।।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र और गैरसैंण परिक्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से 5 सुपर जोन और 13 सेक्टरों में विभाजित किया गया है. प्रत्येक जोन और सेक्टर की निगरानी के लिए एडिशनल एसपी (अपर पुलिस अधीक्षक) और डिप्टी एसपी (पुलिस उपाधीक्षक) रैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को मोर्चे पर तैनात किया गया है।
विधानसभा एंट्री के नियम बदले।।।।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए अध्यक्ष ने सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए. बैठक में निर्णय लिया गया कि सत्र अवधि में विधानसभा के कर्मचारी भी बिना विधिवत जारी वाहन प्रवेश पत्र के परिसर में अपने वाहन से प्रवेश नहीं कर सकेंगे. विधायकों की संस्तुति पर एक और मंत्रियों की संस्तुति पर अधिकतम दो लोगों को ही प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे।
विधानसभा सत्र की कार्यवाही को सूचना एवं लोक संपर्क विभाग और आईटी विकास अभिकरण की ओर से जारी किया जाएगा. इससे प्रदेश की जनता भी सदन की कार्यवाही को देख सकेगी।
